दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का 75 वर्ष की उम्र में निधन, हिंदी और मराठी सिनेमा में शोक की लहर
दमदार अभिनय, यादगार किरदारों और किसानों की मदद के लिए सामाजिक योगदान से बनाई खास पहचान; 75 वर्ष की उम्र में निधन की खबर से सिनेमा जगत में शोक की लहर।

गोवा, 9 अक्टूबर 2026। हिंदी और मराठी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का 8 अक्टूबर 2026 को 75 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, उन्होंने गोवा के डोना पाउला स्थित अपने आवास पर अंतिम सांस ली। उनकी मृत्यु का कारण कार्डियक अरेस्ट बताया गया है। उनके निधन से भारतीय फिल्म जगत में शोक की लहर है।
पांच दशक के अभिनय करियर का अंत
नाना पाटेकर का मूल नाम विश्वनाथ पाटेकर था। उनका जन्म 1 जनवरी 1951 को महाराष्ट्र के मुरुड-जंजीरा में हुआ था। उन्होंने अपने दमदार अभिनय, प्रभावशाली संवाद अदायगी और अलग अंदाज से हिंदी तथा मराठी फिल्मों में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई।
उनकी प्रमुख फिल्मों में परिंदा, क्रांतिवीर, खामोशी, यशवंत, अब तक छप्पन, वेलकम और राजनीति शामिल हैं। गंभीर भूमिकाओं से लेकर हास्य किरदारों तक, उन्होंने अपनी बहुमुखी प्रतिभा का परिचय दिया।
पुरस्कारों से सम्मानित हुआ योगदान
नाना पाटेकर को उनके शानदार अभिनय के लिए कई प्रतिष्ठित पुरस्कारों से सम्मानित किया गया। उन्हें 2013 में पद्म श्री से नवाजा गया था। इसके अलावा, उन्होंने राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार और फिल्मफेयर पुरस्कार भी प्राप्त किए।
सामाजिक कार्यों में भी निभाई अहम भूमिका
नाना पाटेकर केवल एक बेहतरीन अभिनेता ही नहीं, बल्कि सामाजिक सरोकारों से जुड़े व्यक्तित्व भी थे। वर्ष 2015 में उन्होंने अभिनेता मकरंद अनासपुरे के साथ नाम फाउंडेशन की स्थापना की। इस संस्था के माध्यम से महाराष्ट्र में सूखा प्रभावित किसानों और जरूरतमंद ग्रामीण परिवारों की सहायता के लिए काम किया गया।
सिनेमा जगत के लिए अपूरणीय क्षति
नाना पाटेकर का अभिनय, उनकी बेबाक शैली और सामाजिक कार्यों के प्रति प्रतिबद्धता उन्हें अन्य कलाकारों से अलग बनाती थी। उनके निधन से हिंदी और मराठी सिनेमा ने एक ऐसे कलाकार को खो दिया, जिनकी अदाकारी और यादगार किरदार लंबे समय तक दर्शकों के दिलों में जीवित रहेंगे।
भावपूर्ण श्रद्धांजलि।

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